Tuesday, 16 March 2010

सम्मान परस्पर होता है न...

परिवर्तन प्रकृति है। परिवर्तन ही हमें भौतिक और आत्मिक दोनों स्तरों से जीवन को समझने का अवसर देता है। प्रकृति की इस शिक्षा के बगैर हम उस दहलीज तक नहीं पहुंच सकते थे, जहां से हम चाहें तो उस पार उतर सकते हैं। उस पार जहां से चेतना का एक और विकसित स्तर शुरू होता है। यह बात किसी धार्मिक या आध्यात्मिक उपदेश का अंश नहीं... यह प्रकृति का संदेश है, महसूस करें...

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