मध्य पूर्व के एक प्रमुख अखबार के पत्रकार साथी ने भारत देश की नैतिक-महानता की बड़बोली गाथाएं सुनते हुए अपनी यह टिप्पणी दी कि जिस देश में खाने के सामान में भारी तादाद में जानलेवा मिलावट होती हो और उसके खिलाफ कोई सख्त कानून न हो, उससे अधिक गिरा हुआ देश और कोई हो ही नहीं सकता। दुबई के उस पत्रकार मित्र का कहना था कि केवल मध्य पूर्व के देश ही नहीं, चीन समेत कई अन्य देशों में भी खाद्य पदार्थों में मिलावट की सजा मौत है। क्योंकि इससे अधिक गंभीर अपराध और कुछ हो ही नहीं सकता...
Friday, 5 March 2010
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